वो साथ थे तो एक लफ़्ज़ ना निकला लबों से, दूर क्या हुए कलम ने क़हर मचा दिया!!❤️ 



 ख्वाब चुभते रहते है, आंखों में सारी रातभर, वो पूछते रहे वजह आँखो के लाल होने की ! ❤️ 



 नफ़रत की एक बात अच्छी लगी मुझे, ये मोहब्बत की तरह झूठी नहीं है साहब !!💯❤️ 


 ना ढूंढ मेरा किरदार दुनिया के भीड़ में, 
वफ़ादार तो हमेशा तन्हा ही मिलते है..💯💯 




 ज़िक्र करते है तेरा हवाओं से अब, ये तूफ़ान बनके तेरे शहर से गुज़रे तो माफ़ करना. 💝💝💝 



 मुसाफ़िर कल भी थी मुसाफ़िर आज भी है, कल अपनों की तलाश में थी आज अपनी तलाश में हूँ!!!🌹