जितना मुझसे लड़ती है
उतना ही प्यार जताती है
रूठ जाऊं मैं जो कभी
मुझको वो मनाती है,
घर को सुंदर बनाती 
वो परिवार का गहना है
मेरी कलाई पर बांधे राखी
वो मेरी प्यारी बहना है