शीशे की तरह साफ़ हूँ फिर भी न 
जाने क्यू अपनों की समझ से बाहर हूँ..



मन को निराश न कर,   बस श्रीकृष्ण पर तु विश्वास कर, हर पल साथ है वो मुरली वाला इस बात का एहसास कर |