अकेली रात बोलती बहुत है,
 लेकिन सुन वही सकता है 
जो खुद भी अकेला  हो |


जिंदगी भर के लिये रूठ के जाने वाले,
मैं अभी तक तेरी तस्वीर लिये बैठा हूँ.


शीशे की तरह साफ़ हूँ फिर भी न 
जाने क्यू अपनों की समझ से बाहर हूँ..