बुरा नहीं हूँ मैं,
मेरी भी कुछ कहानी है, 
टूट चुका हूँ मैं, 
अपनो की मेहरबानी हैं.




साथ साथ धूमते है, 
हम दोनो रात भर..! 
लोग मुझे आवारा, 
और उसे चाँद कहते है..!


उनकी जब मर्जी होती है तब हमसे बात करते हैं, और हम पागल पूरा दिन उनकी मर्जी का इंतज़ार करते हैं|