गलतफहमी में जीने का मजा ही कुछ और है वरना हकीकते तो अक्सर रुला ही जाती है..



हमने तुम्हें उस दिन से और ज़्यादा चाहा है, जबसे मालूम हुआ के तुम हमारे होना नहीं चाहते... 


इश्क़ कर लीजिये बेइंतेहा किताबों  से, एक यही हैं जो अपनी बातों से पलटा नहीं करतीं। 



इतना भी हमसे नाराज़ मत हुआ करो, बदकिस्मत ज़रूर हैं हम मगर बेवफा नहीं..





इतनी नजरअंदाजी भी ठीक नहीं,.....
जाने कौन सी बात, मेरी आखिरी बात हो जाए..



जिंदगी कुछ ख्वाब तुम ने तोड़ दिए, 
और  कुछ  हमने  देखने  छोड़  दिए..




"इस साल गर्मी तो बहुत पड़ रही है फिर भी तेरा दिल पिघलने का नाम नहीं ले रहा"


जरूरी नही कि हर शख्स हमसे मिलकर 
खुश हो , मगर हमारी कोशिश यह रहे
कि हमसे मिलकर कोई दुखी न हो।



अकेले ही गुजरती है जिन्दगी , 
लोग तसल्लियाँ तो देते है पर साथ नहीं...