अगर आए तुम्हे हिचकियाँ तो माफ़ करना मुझे,
क्योंकि..... इस दिल को आदत है तुम्हे याद करने की ❣️


मुझे छांव में रखा और खुद जलता रहा धुप में , मैंने देखा है एक फरिश्ता मेरे पिता के रूप में


इस इश्क ने देखो कैसे तबाही मचा रखी है.. आधी दूनिया पागल आधी शायर बना रखी है...




किससे  बयान  करूँ मैं  अपने  दर्द  को सुनने  वाले  तो  बहुत  हैं  मगर  समझने  वाला  कोई  नही




गलतफहमी में जीने का मजा ही कुछ और है वरना हकीकते तो अक्सर रुला ही जाती है..



हमने तुम्हें उस दिन से और ज़्यादा चाहा है, जबसे मालूम हुआ के तुम हमारे होना नहीं चाहते...