Roman 07 August Roman Sad वास्ता नहीं रखना तोह नज़र क्यों रखते हो ! किस हाल मैं ज़िंदा हूँ खबर क्यों रखते हो !
Roman 03 August Roman Sad बहुत कम लोग हैं जो मेरे दिल को भाते हैं और उससे भी बहुत कम हैं जो मुझे समझ पाते हैं