बदल दिए है हमने....




बदल दिए है हमने अब नाराज  होने के तरीके, 
रूठने के बजाय बस हल्के से मुस्कुरा देते है।



           Bolly4u Org Click Hear



खुशी मेरी तलाश में यूहीं
भटकती रही, साहब
कभी उसे हमारा घर न मिला
कभी उसे हम घर पर न मिले।


दिल रोज पूछता है तेरे बारे में,
 मैं रोज कहता हूं बस वो आती ही होगी |




लगता है अब तो खुद से मिलना पड़ेगा, 
लोगों से सुना है बड़े दिलचस्प है हम.


हर दरबार में जा कर मांगा है तुम्हें, 
हलवा मिल जाता है, तुम नहीं..



वास्ता नहीं रखना तोह नज़र क्यों रखते हो ! किस हाल मैं ज़िंदा हूँ खबर क्यों रखते हो !